आर्थिक सर्वेक्षण से उजागर हुई कृषि की ताकत

Economic Survey Highlights the Strength of Indian Agriculture

Feb 4, 2026 - 02:02
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आर्थिक सर्वेक्षण से उजागर हुई कृषि की ताकत

कृषि और ग्रामीण विकास में भारत की अभूतपूर्व प्रगति का प्रमाण: शिवराज सिंह चौहान

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आर्थिक सर्वेक्षण पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह सर्वेक्षण भारतीय कृषि और ग्रामीण भारत की मजबूती का लिखित प्रमाण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रगति दर्ज की है, जिसे सर्वेक्षण के आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।

श्री चौहान ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों ने स्थिर कीमतों पर औसतन 4.4 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर हासिल की है, जो वैश्विक औसत से अधिक है। वहीं, वित्त वर्ष 2016 से 2025 के दशक में कृषि क्षेत्र ने 4.45 प्रतिशत की दशकीय वृद्धि दर दर्ज की, जो अब तक की सबसे ऊंची है। वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में भी कृषि क्षेत्र ने 3.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज कर अपनी स्थिरता और क्षमता को सिद्ध किया।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 में खाद्यान्न उत्पादन 357.73 मिलियन टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। यह वृद्धि मुख्य रूप से चावल, गेहूं, मक्का और श्री अन्न (बाजरा) सहित मोटे अनाजों के बेहतर उत्पादन के कारण हुई है। उन्होंने कहा कि आज भारत न केवल खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर है, बल्कि कई फसलों में वैश्विक नेतृत्वकर्ता भी बन चुका है।

उन्होंने बताया कि बागवानी क्षेत्र कृषि के सकल मूल्य वर्धन (GVA) में लगभग 33 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ भारतीय कृषि का सबसे उज्ज्वल क्षेत्र बनकर उभरा है। बागवानी उत्पादन 2013-14 के 280.70 मिलियन टन से बढ़कर 2024-25 में 367.72 मिलियन टन हो गया है। इस दौरान फलों, सब्जियों और अन्य बागवानी फसलों के उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। भारत अब दुनिया का सबसे बड़ा प्याज उत्पादक है और वैश्विक उत्पादन में इसका योगदान लगभग 25 प्रतिशत है।

ग्रामीण विकास की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए श्री चौहान ने कहा कि ग्रामीण बुनियादी ढांचे में ऐतिहासिक विस्तार हुआ है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत 99.6 प्रतिशत से अधिक पात्र बस्तियों को अब हर मौसम में चलने योग्य सड़कों से जोड़ा जा चुका है। PMGSY-चतुर्थ के अंतर्गत 10,000 किलोमीटर से अधिक सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिससे कई दुर्गम क्षेत्रों में संपर्क और सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित होगी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत बीते 11 वर्षों में 3.70 करोड़ पक्के मकानों का निर्माण किया गया है। साथ ही, स्वामित्व योजना के अंतर्गत लाखों गांवों में ड्रोन सर्वेक्षण और करोड़ों संपत्ति कार्ड जारी किए गए हैं। डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 99.8 प्रतिशत भूमि रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण पूरा हो चुका है।

इसके अलावा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से 10 करोड़ से अधिक ग्रामीण महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ चुकी हैं और 25 लाख से अधिक ‘लखपति दीदियां’ ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की नई मिसाल बन रही हैं।

श्री चौहान ने कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण यह स्पष्ट करता है कि नीतिगत निरंतरता, संस्थागत सुधार और लक्षित निवेश ने कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाया है और ग्रामीण भारत में व्यापक परिवर्तन लाया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ये उपलब्धियां समावेशी विकास, किसान कल्याण और सतत ग्रामीण विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।

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