ऑपरेशन सिंदूर ने समुद्री सुरक्षा में भारत की ताकत दिखाई: राजनाथ सिंह

Operation Sindoor Showcased India’s Strength in Maritime Security: Rajnath Singh

Feb 3, 2026 - 22:53
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ऑपरेशन सिंदूर ने समुद्री सुरक्षा में भारत की ताकत दिखाई: राजनाथ सिंह

        आईसीजी के 50वें स्थापना दिवस पर रक्षा मंत्री बोले— तटरक्षक बल भारत की समुद्री सीमाओं पर ‘विश्वास की दीवार’       

रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) के 50वें स्थापना दिवस के अवसर पर बल की भूमिका और योगदान की सराहना करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की बहुस्तरीय समुद्री सुरक्षा प्रणाली के भीतर निर्बाध अंतर-सेवा समन्वय का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन ने अग्रिम पंक्ति के बल के रूप में भारतीय तटरक्षक बल की भूमिका को एक बार फिर सशक्त रूप से स्थापित किया है

रक्षा मंत्री ने बताया कि यह ऑपरेशन समुद्री सुरक्षा के अत्यंत संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण समय में संचालित किया गया, जिसमें आईसीजी ने त्वरित और दृढ़ प्रतिक्रिया देते हुए रणनीतिक परिसंपत्तियों की अग्रिम तैनाती की। पश्चिमी तट पर निगरानी को व्यापक बनाया गया और तटीय व क्रीक क्षेत्रों में उच्च स्तर की सतर्कता बनाए रखी गई। उन्होंने भारतीय तटरक्षक बल को देश की समुद्री सीमाओं पर ‘विश्वास की दीवार’ बताते हुए कहा कि बल ने राष्ट्र सेवा के वास्तविक अर्थ को चरितार्थ किया है।

आईसीजी की निरंतर सतर्कता की प्रशंसा करते हुए श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आतंकवाद, हथियारों और मानव तस्करी, मादक पदार्थों की तस्करी, समुद्री डकैती, अवैध व्यापार और समुद्री प्रदूषण जैसी चुनौतियों से निपटने में तटरक्षक बल की भूमिका निर्णायक रही है। उन्होंने बताया कि स्थापना के बाद से अब तक आईसीजी ने 11,800 से अधिक बहुमूल्य जीवन समुद्र में बचाए हैं, जो इसके साहस, कौशल और कर्तव्यनिष्ठा का प्रमाण है।

उन्होंने कहा कि चक्रवातों, समुद्री दुर्घटनाओं और ऑपरेशन सागर बंधु जैसे मानवीय अभियानों में आईसीजी ने प्रथम प्रतिक्रियाकर्ता के रूप में करुणा, व्यावसायिकता और तेज़ प्रतिक्रिया का परिचय दिया है। विभिन्न एजेंसियों के साथ प्रभावी समन्वय, राष्ट्रीय सुरक्षा को और अधिक मजबूत करता है।

रक्षा मंत्री ने भारतीय तटरक्षक बल को राष्ट्रीय सुरक्षा का एक मजबूत स्तंभ बताते हुए कहा कि आज यह बल आधुनिक जहाजों, हेलीकॉप्टरों, विमानों और उन्नत तकनीकों से सुसज्जित एक सशक्त संगठन बन चुका है। उन्होंने कहा कि आईसीजी की सेवा ही वह आधार है, जिसके बल पर भारत ब्लू इकोनॉमी, समुद्री सुरक्षा और तटीय विकास को लेकर आत्मविश्वास से योजनाएं बना रहा है।

इस अवसर पर श्री राजनाथ सिंह ने विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए आईसीजी से अगले 25 वर्षों का विजनरी रोडमैप तैयार करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस रोडमैप में मैनपावर प्लानिंग, क्षमता निर्माण और संगठनात्मक सुधारों के साथ यह स्पष्ट होना चाहिए कि वर्ष 2047 में आईसीजी स्वयं को किस रूप में देखता है।

रक्षा मंत्री ने आईसीजी को पूर्ण सरकारी समर्थन का आश्वासन देते हुए कहा कि जब तटरक्षक बल मजबूत होगा, तभी भारत की समुद्री सुरक्षा सुदृढ़ होगी। मजबूत समुद्री सीमाएं भारत को क्षेत्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक मंच पर भी अधिक आत्मविश्वास प्रदान करेंगी।

समारोह के दौरान रक्षा मंत्री ने स्वर्ण जयंती लोगो का अनावरण किया और आईसीजी की 50 वर्षों की सेवा को समर्पित स्मारक डाक टिकट जारी किया। इसके साथ ही संगठन की विरासत और ऑपरेशनल उत्कृष्टता को दर्शाने वाली एक विशेष फिल्म भी प्रदर्शित की गई।

इस अवसर पर रक्षा राज्य मंत्री श्री संजय सेठ, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी, रक्षा सचिव श्री राजेश कुमार सिंह, डीआरडीओ प्रमुख डॉ. समीर वी. कामत और भारतीय तटरक्षक बल के महानिदेशक परमेश शिवमणि सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंतर्गत नेशनल वॉर मेमोरियल में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई।

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