भारत की एआई क्रांति की नींव है दूरसंचार: डॉ. पेम्मासानी चंद्रशेखर

Telecom is the Foundation of India’s AI Revolution: Dr. Pemmasani Chandrasekhar

Feb 17, 2026 - 23:11
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भारत की एआई क्रांति की नींव है दूरसंचार: डॉ. पेम्मासानी चंद्रशेखर

समावेशी कनेक्टिविटी, डिजिटल विश्वास और एआई-तैयार अवसंरचना पर जोर

केन्द्रीय संचार एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्रशेखर ने ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ में अपने मुख्य भाषण के दौरान कहा कि भारत के एआई इको-सिस्टम की आधारशिला मजबूत दूरसंचार अवसंरचना है। उन्होंने रेखांकित किया कि कनेक्टिविटी कोई विलासिता नहीं, बल्कि संप्रभुता का आधार है, और समावेशी डिजिटल पहुंच भारत की तकनीकी प्रगति के केंद्र में है।

मंत्री ने भारत की दूरसंचार प्रगति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि ब्रॉडबैंड ग्राहकों की संख्या 2014 के 6 करोड़ से बढ़कर 2025 में 100 करोड़ तक पहुंच गई है। औसत मासिक मोबाइल डेटा खपत प्रति उपयोगकर्ता 24 जीबी से अधिक हो चुकी है, जबकि फाइबर नेटवर्क का विस्तार 42 लाख रूट किलोमीटर से आगे निकल गया है। तेज़ 5जी रोलआउट को भारत की डिजिटल क्षमताओं का प्रमुख चालक बताते हुए उन्होंने कहा कि भारतनेट जैसी अंतिम छोर कनेक्टिविटी पहलों में निरंतर निवेश से एआई-सक्षम सेवाएं ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच रही हैं।

डॉ. चंद्रशेखर ने कहा कि भारत अब कनेक्टिविटी विस्तार से क्षमता संवर्धन की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उच्च क्षमता वाले फाइबर बैकहॉल, कम विलंबता के लिए एज कंप्यूटिंग, क्लाउड अवसंरचना विस्तार और किफायती पहुंच जैसे क्षेत्र नवाचार को गति देंगे, विशेषकर टियर-2 और टियर-3 शहरों में।

डिजिटल विश्वास और सुरक्षा पर जोर देते हुए मंत्री ने मजबूत दूरसंचार सुरक्षा ढांचे का उल्लेख किया। उन्होंने एआई-सक्षम डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म, एएसटीआरए टूल (जिसने 86 लाख से अधिक फर्जी सिम कार्डों की पहचान कर उन्हें निष्क्रिय किया) और फाइनेंशियल फ्रॉड रिस्क इंडिकेटर (जिसने 1,400 करोड़ रुपये से अधिक के धोखाधड़ी वाले लेनदेन रोके) जैसी पहलों को नागरिक सुरक्षा और डिजिटल भरोसे के लिए महत्वपूर्ण बताया।

भारत की वैश्विक स्थिति का संदर्भ देते हुए उन्होंने कहा कि भारत विश्व के अग्रणी एआई इकोसिस्टम्स में से एक और दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा दूरसंचार बाजार है। ‘इंडियाएआई मिशन’ और सेमीकंडक्टर विनिर्माण में निवेश को आत्मनिर्भर, नवाचार-आधारित डिजिटल अर्थव्यवस्था की दिशा में निर्णायक कदम बताया गया।

अपने संबोधन के समापन में डॉ. पेम्मासानी चंद्रशेखर ने कहा कि दूरसंचार अब केवल कॉल जोड़ने तक सीमित नहीं, बल्कि अवसरों को जोड़ने का माध्यम बन चुका है। उन्होंने सुरक्षित, समावेशी और एआई-तैयार डिजिटल भविष्य के निर्माण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।

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