हरीश रावत ने मां की सौगंध लेकर दी सफाई, बोले- नौकरी के बदले पैसे तो दूर, चाय तक नहीं पी
देहरादून: पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मां की सौगंध खाते हुए कहा कि उन्होंने किसी को भी नौकरी देने के बदले पैसा लेना तो दूर उसकी चाय तक नहीं पी. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपनी माता की कसम खाते हुए कहा कि उन्होंने कभी किसी को भी नौकरी देने के बदले में एक पैसा लेना तो दूर, उसका कभी चाय या पानी तक नहीं पिया. उन्होंने सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा कि उनकी तीन माताएं हैं, जगत जननी, देवी भवानी (मां दुर्गा), जिसकी मैं नित्य प्रतिदिन पूजा करता हूं और वह धरती मां है, जिसने मुझे पैदा किया है उत्तराखंड और मां आज मुझे बदनाम करने का षड्यंत्र हो रहा है. उन्होंने आगे लिखा कि उम्र के इस पड़ाव में मुझ पर कलंक लगाने का प्रयास हो रहा है.
उन्होंने अपनी माता को याद करते हुए लिखा कि आज मुझे बदनाम करने का कुचक्र रचा जा रहा है. उम्र के इस पड़ाव में मुझ पर कलंक लगाने का प्रयास किया जा रहा है. जिस तरह कुछ सोशल मीडिया पोस्टों और कुछ अखबारों के माध्यम से एक मुहिम चलाकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश की गई, लेकिन आज वह यह कहना चाहते हैं कि उन्होंने कभी किसी को नौकरी देने के बदले उसका कभी चाय और पानी तक नहीं पिया, बल्कि किसी को भी कुछ दिया होगा तो मैंने दिया.
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