खेलों में बेटियों को मिलेगा नया मंच, चम्पावत में 256.96 करोड़ से बन रहा प्रदेश का पहला महिला स्पोर्ट्स कॉलेज
उपशीर्षक: लोहाघाट के छमनिया में आकार ले रही महत्वाकांक्षी परियोजना, छात्राओं को एक ही परिसर में मिलेगी आधुनिक खेल सुविधाएं, पढ़ाई और रहने की व्यवस्था।
चम्पावत। उत्तराखंड की बेटियों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए राज्य में एक बड़ी पहल की जा रही है। चम्पावत जिले के लोहाघाट स्थित छमनिया में प्रदेश का पहला महिला स्पोर्ट्स कॉलेज बनाया जा रहा है। 256.96 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के पूरा होने पर बालिका खिलाड़ियों को खेल प्रशिक्षण से लेकर शिक्षा और आवास तक की सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी। इस संस्थान को विशेष रूप से महिला खिलाड़ियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया जा रहा है। इसका मकसद बेटियों को बेहतर प्रशिक्षण का माहौल देना और उनकी खेल प्रतिभा को निखारने के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराना है।
खेल के साथ पढ़ाई और आवास की भी मिलेगी सुविधा
महिला स्पोर्ट्स कॉलेज में छात्राओं को आधुनिक खेल सुविधाओं के साथ शिक्षा और आवासीय व्यवस्था उपलब्ध कराने की योजना है। इससे बालिका खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के लिए अलग-अलग स्थानों पर भटकना नहीं पड़ेगा। वे एक ही परिसर में रहकर पढ़ाई और खेल अभ्यास दोनों जारी रख सकेंगी। खास बात यह है कि इस परियोजना से पर्वतीय क्षेत्रों की उन बेटियों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है, जिन्हें सीमित संसाधनों के कारण खेलों में आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाते।
प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को मिलेगा प्रोत्साहन
उत्तराखंड में खेलों के प्रति युवाओं का रुझान लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज को प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को तैयार करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। यहां मिलने वाली आधुनिक सुविधाओं से छात्राओं को अपनी क्षमता विकसित करने और बेहतर स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिल सकेगा। छमनिया में बन रहा यह संस्थान भविष्य में महिला खिलाड़ियों के लिए एक प्रमुख केंद्र बन सकता है। इससे न केवल चम्पावत बल्कि प्रदेश के अन्य हिस्सों की प्रतिभाशाली बेटियों को भी खेलों में अपना भविष्य बनाने के लिए बेहतर मंच मिलने की उम्मीद है।
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