अमेरिकी चुनाव में ट्रंप को झटका, भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल; सेंसेक्स 79 हजार के पार, निवेशकों को मिनटों में 7 लाख करोड़ का फायदा

Nov 5, 2026 - 09:33
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अमेरिकी चुनाव में ट्रंप को झटका, भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल; सेंसेक्स 79 हजार के पार, निवेशकों को मिनटों में 7 लाख करोड़ का फायदा
अमेरिकी चुनाव में ट्रंप को झटका, भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल; सेंसेक्स 79 हजार के पार, निवेशकों को मिनटों में 7 लाख करोड़ का फायदा

उपशीर्षक: सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 1600 अंकों से ज्यादा चढ़ा, निफ्टी में भी 480 अंकों की तेजी; कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और विदेशी निवेशकों की खरीदारी से बाजार को मिला सहारा।

नई दिल्ली। अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पार्टी को झटका लगने के बाद भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। घरेलू बाजार ने कारोबार की शुरुआत ही बड़ी बढ़त के साथ की। बीएसई का सेंसेक्स 1600 अंकों से अधिक उछलकर 79 हजार के स्तर के करीब पहुंच गया और कुछ ही मिनटों में इस आंकड़े को पार कर गया। वहीं एनएसई का निफ्टी भी करीब 480 अंकों की बढ़त के साथ 23,441 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार में आई इस तेजी से निवेशकों की संपत्ति में शुरुआती कारोबार के दौरान करीब 7 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ।

सेंसेक्स के ज्यादातर शेयरों में दिखी खरीदारी

गुरुवार सुबह बाजार खुलते ही चौतरफा खरीदारी का माहौल देखने को मिला। सेंसेक्स के अधिकांश शेयर हरे निशान में कारोबार करते नजर आए। भारती एयरटेल और एनटीपीसी को छोड़कर बाकी शेयरों में तेजी दर्ज की गई। बजाज फाइनेंस और मारुति के शेयरों में 5 प्रतिशत से अधिक की बढ़त रही, जबकि इंडिगो में करीब 5 प्रतिशत का उछाल आया। एशियन पेंट्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर भी 4 प्रतिशत से ज्यादा मजबूत हुए। बाजार में तेजी के बीच बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप भी 500 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया।

ट्रंप की पार्टी को झटका लगने से बदला बाजार का माहौल

अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेट्स की जीत को वैश्विक बाजारों के लिए सकारात्मक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। चुनाव परिणामों में डेमोक्रेट्स ने कांग्रेस के दोनों सदनों में जीत दर्ज की, जिससे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों को लेकर नए राजनीतिक समीकरण बने हैं। वैश्विक टैरिफ नीतियों और मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण पहले से दबाव झेल रहे बाजार को इन नतीजों से राहत मिली है। इसके साथ ही अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने की संभावनाओं को लेकर भी निवेशकों की धारणा में सुधार देखा गया।

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से भारतीय बाजार को राहत

शेयर बाजार में तेजी की एक बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट भी रही। ब्रेंट क्रूड करीब 93.5 डॉलर प्रति बैरल तक फिसल गया। इससे पहले के कारोबारी सत्र में तेल की कीमतों में करीब 10 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल सस्ता होने से देश के आयात बिल, महंगाई और व्यापार घाटे पर दबाव कम होने की उम्मीद रहती है। इसका सकारात्मक असर शेयर बाजार की धारणा पर भी पड़ा है।

विदेशी निवेशकों की खरीदारी से मजबूत हुआ बाजार

भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की वापसी भी तेजी को सहारा दे रही है। बुधवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भारतीय शेयरों में 72.84 अरब रुपये की खरीदारी की। यह लगातार चौथा कारोबारी सत्र रहा, जब विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में पैसा लगाया। इसके अलावा पिछले पांच कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स और निफ्टी में करीब 5.6 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है। बाजार में लगातार हो रही खरीदारी से निवेशकों का भरोसा भी मजबूत होता दिखाई दे रहा है।

अमेरिकी बाजारों में भी रही जोरदार तेजी

अमेरिकी चुनाव परिणामों के बाद वॉल स्ट्रीट में भी तेजी दर्ज की गई। डाउ जोन्स 3 प्रतिशत से अधिक चढ़कर 53 हजार के स्तर के पार बंद हुआ। एसएंडपी 500 में भी डेढ़ प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त रही, जबकि नैस्डैक में भी शुरुआती गिरावट से उबरने के बाद मजबूती देखने को मिली। दूसरी ओर एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार रहा। दक्षिण कोरिया के कोस्पी में भारी गिरावट के कारण सर्किट ब्रेकर लागू करना पड़ा, जबकि जापान और ताइवान के बाजारों में भी कमजोरी देखने को मिली।

बुधवार को भी बढ़त के साथ बंद हुआ था बाजार

इससे पहले बुधवार को भारतीय शेयर बाजार लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में बढ़त के साथ बंद हुआ था। सेंसेक्स 383 अंक चढ़कर 77,301 के स्तर पर पहुंच गया था। वहीं विदेशी निवेशकों की खरीदारी, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और कंपनियों के बेहतर नतीजों ने बाजार को मजबूती दी। शेयर बाजार में आई तेजी से निवेशकों का उत्साह बढ़ा है, हालांकि बाजार में उतार-चढ़ाव का जोखिम बना रहता है। निवेश से पहले बाजार की स्थिति और अपनी जोखिम क्षमता को ध्यान में रखना जरूरी है।

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