गढ़वाल विश्वविद्यालय में मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण की पहल, 16 नवंबर से शुरू होगा पांच दिवसीय कार्यक्रम
उपशीर्षक: स्वरोजगार और कृषि उद्यमिता को मिलेगा बढ़ावा, प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन से लेकर स्पॉन
निर्माण तक दिया जाएगा प्रशिक्षण
श्रीनगर (गढ़वाल): हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में मशरूम उत्पादन के जरिए स्वरोजगार और कृषि उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में पहल की जा रही है। विश्वविद्यालय के ग्रामीण प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से आयोजित होने वाले पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के पोस्टर का बुधवार को कुलपति प्रो. श्री प्रकाश सिंह ने विमोचन किया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का विषय 'मशरूम तकनीक: सतत आजीविका सृजन हेतु मशरूम उत्पादन, स्पॉन निर्माण, मूल्य संवर्धन एवं कृषि उद्यमिता' रखा गया है। यह कार्यक्रम 16 से 20 नवंबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इसमें प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन से जुड़ी आधुनिक तकनीकों की जानकारी देने के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान विशेष रूप से ऑयस्टर मशरूम की वैज्ञानिक उत्पादन विधि, मशरूम के बीज यानी स्पॉन निर्माण, उत्पादों का मूल्य संवर्धन और कृषि आधारित उद्यम शुरू करने के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य प्रतिभागियों को मशरूम उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना और इसे आय के एक बेहतर साधन के रूप में विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, पर्वतीय क्षेत्रों में मशरूम उत्पादन स्वरोजगार और स्थानीय स्तर पर छोटे कृषि उद्यम स्थापित करने की अच्छी संभावनाएं रखता है। ऐसे में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं, किसानों और स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने वाले लोगों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। इससे पहाड़ी क्षेत्रों में आजीविका के नए अवसर विकसित करने में भी मदद मिलेगी।
पोस्टर विमोचन के अवसर पर ग्रामीण प्रौद्योगिकी विभाग के अध्यक्ष एवं कृषि एवं संबद्ध विज्ञान संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो. राजेंद्र सिंह नेगी, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. ओमप्रकाश गुसाईं, प्रो. मोहन सिंह पंवार, बिड़ला परिसर के निदेशक प्रो. हरभजन सिंह चौहान, मुख्य नियंता प्रो. दीपक कुमार, टिहरी परिसर के निदेशक प्रो. ए.ए. बौराई और DACE के समन्वयक प्रो. एम.एम. सेमवाल मौजूद रहे। इसके अलावा कार्यक्रम के सह-संरक्षक डॉ. संतोष सिंह, आयोजन सचिव डॉ. अंकित सती, मॉडरेटर डॉ. आर.सी. नौटियाल एवं डॉ. ऋषिका नेगी, शोधार्थी प्रणव सिंह सहित विभाग के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।
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