CJP को दो बड़े झटके, आशुतोष रांका और सौरभ दास की रिहाई के बाद ही तय होगी अगली रणनीति
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को एक ही दिन में दो बड़े झटके लगे हैं। पार्टी के प्रमुख नेताओं आशुतोष रांका और सौरभ दास की न्यायिक हिरासत दो दिन के लिए बढ़ा दी गई है। वहीं, दिल्ली पुलिस ने दोनों से जुड़े मामले को क्राइम ब्रांच को सौंप दिया है। इस घटनाक्रम के बीच पार्टी प्रमुख अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया है कि दोनों नेताओं की रिहाई के बाद ही आगे की रणनीति पर फैसला लिया जाएगा।
हिरासत बढ़ने से बढ़ी मुश्किलें
CJP ने 10 अक्टूबर को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ प्रदर्शन का ऐलान किया था। इस दौरान सौरभ दास, आशुतोष रांका और अभिजीत दीपके को दिल्ली में हिरासत में लिया गया था। बाद में रांका और दास को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से जुड़े मामले में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
रिपोर्ट के मुताबिक, जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाए जाने के बाद दोनों नेता वहां पहुंचे थे। उन्होंने दीवार फांदकर परिसर में प्रवेश किया, तिरंगा फहराया और नारेबाजी की। अब उनकी हिरासत दो दिन और बढ़ा दी गई है। मामले में अगली सुनवाई 21 अक्टूबर को होनी है।
क्राइम ब्रांच को सौंपा गया मामला
दिल्ली पुलिस ने आशुतोष रांका और सौरभ दास से जुड़े मामले को क्राइम ब्रांच के हवाले कर दिया है। इस मामले में कनॉट प्लेस और संसद मार्ग थानों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।
इनमें लोक सेवक के आदेश की अवहेलना, अनधिकृत प्रवेश, आपराधिक साजिश और सरकारी कर्मचारियों के काम में बाधा डालने जैसे आरोप शामिल हैं। हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही निकलेगा।
रिहाई के बाद क्या करेंगे अभिजीत दीपके?
CJP प्रमुख अभिजीत दीपके ने कहा है कि आशुतोष रांका और सौरभ दास के जेल से बाहर आने के बाद पार्टी के नेता फिर बैठक करेंगे और आंदोलन की आगे की दिशा तय करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के नेताओं को हिरासत में लेकर डराने की कोशिश की जा रही है और गिरफ्तारियों की प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
दीपके के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों में जो घटनाक्रम सामने आया है, उस पर चर्चा करने के बाद ही आगे का कदम उठाया जाएगा। फिलहाल पार्टी ने अगले प्रदर्शन की तारीख या स्थान का ऐलान नहीं किया है।
कानूनी लड़ाई की तैयारी में CJP
पार्टी ने इस मामले में कानूनी सलाह लेने की बात कही है। रिपोर्ट के अनुसार, CJP ने वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल से भी सलाह ली है। पार्टी का आरोप है कि उसके दोनों सह-संयोजकों की रिहाई में जानबूझकर देरी की जा रही है।
CJP की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट (SEM) की अदालत की कार्यवाही पर सवाल उठाते हुए इसे अनुचित बताया है। पार्टी का कहना है कि वह अपने नेताओं की रिहाई के लिए कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है।
फिलहाल आंदोलन पर सस्पेंस
आशुतोष रांका और सौरभ दास की हिरासत बढ़ने तथा मामला क्राइम ब्रांच को सौंपे जाने के बाद CJP की अगली रणनीति पर सबकी नजरें हैं। अभिजीत दीपके ने फिलहाल किसी नए प्रदर्शन की घोषणा नहीं की है। ऐसे में पार्टी का अगला कदम दोनों नेताओं की रिहाई और कानूनी सलाह के बाद ही स्पष्ट होने की संभावना है।
What's Your Reaction?