पंचायत प्रतिनिधियों को दिया ग्रामीण विकास का मंत्र, कल्जीखाल में विकास संकल्प सम्मेलन आयोजित
जीपीडीपी, स्वच्छता, रोजगार और जनसहभागिता पर हुआ मंथन; गांवों के समग्र विकास का लिया संकल्प
पौड़ी गढ़वाल, 10 अक्टूबर। ग्रामीण विकास को गति देने और पंचायत प्रतिनिधियों को सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सक्षम बनाने के उद्देश्य से विकासखंड परिसर, कल्जीखाल में त्रिस्तरीय पंचायत जनप्रतिनिधि संवाद एवं विकास संकल्प सेवा सेतु सम्मेलन–2026 आयोजित किया गया। पंचायती राज विभाग, उत्तराखंड के सौजन्य से रिपब्लिक फाउंडेशन सोसाइटी द्वारा आयोजित इस एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में पंचायतों की भूमिका, विकास योजनाओं और ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राज्य दर्जा मंत्री हेमंत द्विवेदी तथा विशिष्ट अतिथि ज्येष्ठ प्रमुख संजय पटवाल और कनिष्ठ प्रमुख दीपक असवाल मौजूद रहे। सम्मेलन के दौरान पंचायत प्रतिनिधियों को ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी), सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के स्थानीयकरण और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के संबंध में जानकारी दी गई।
वक्ताओं ने कहा कि गांवों के विकास में पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। योजनाओं की जानकारी, जिम्मेदारियों के प्रति सजगता और ग्रामीणों की भागीदारी से विकास कार्यों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। इस दौरान जनप्रतिनिधियों से प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाने और अपने गांवों की जरूरतों के अनुरूप विकास की योजनाएं तैयार करने का आह्वान किया गया।
सम्मेलन का प्रमुख आकर्षण संवाद सत्र रहा, जिसमें पंचायत प्रतिनिधियों ने विकास योजनाओं के क्रियान्वयन, प्रशासनिक प्रक्रियाओं, बजट के सदुपयोग और स्थानीय समस्याओं के समाधान से जुड़े सवाल रखे। अतिथियों एवं विषय विशेषज्ञों ने प्रतिनिधियों को व्यावहारिक सुझाव देते हुए विकास कार्यों में पारदर्शिता और प्रभावी कार्ययोजना की आवश्यकता पर जोर दिया।
प्रशिक्षण में स्वच्छता, सार्वजनिक परिसंपत्तियों के रखरखाव और सतत विकास लक्ष्यों को गांवों में लागू करने के लिए सामुदायिक सहभागिता को अहम बताया गया। साथ ही, सीमित संसाधनों में बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों के उपयोग पर चर्चा हुई।
बच्चों और युवाओं में अध्ययन की संस्कृति विकसित करने के लिए ग्राम पुस्तकालयों की स्थापना, आंगनवाड़ी केंद्रों को मजबूत बनाने तथा ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए नियमित स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने जैसे विषय भी चर्चा के केंद्र में रहे। इसके अतिरिक्त, सरकारी योजनाओं के जरिए गांवों में रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने और युवाओं को विकास गतिविधियों से जोड़ने पर बल दिया गया।
सम्मेलन के माध्यम से पंचायत प्रतिनिधियों ने जनहित को प्राथमिकता देते हुए योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन, जनसहभागिता को बढ़ावा देने और गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया।
आयोजक: रिपब्लिक फाउंडेशन सोसाइटी
सौजन्य: पंचायती राज विभाग, उत्तराखंड
स्थान: विकासखंड परिसर, कल्जीखाल, पौड़ी गढ़वाल
What's Your Reaction?