भारत की सांस्कृतिक वापसी: वेनिस बिएनाले में इंडिया पवेलियन
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61वीं ला बिएनाले डि वेनेज़िया में ‘जियोग्राफ़ीज़ ऑफ़ डिस्टेंस: रिमेंबरिंग होम’ के ज़रिए समकालीन भारत की कला, स्मृति और पहचान का वैश्विक संवाद
संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार इटली के वेनिस में आयोजित 61वें अंतर्राष्ट्रीय कला प्रदर्शनी – ला बिएनाले डि वेनेज़िया में भारत के राष्ट्रीय पवेलियन को प्रस्तुत कर रहा है। इंडिया पवेलियन 2019 के बाद पहली बार वेनिस लौट रहा है और इस बार यह नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर (NMACC) तथा सेरेंडिपिटी आर्ट्स फ़ाउंडेशन के सहयोग से पेश किया जा रहा है।
डॉ. अमीन जाफ़र द्वारा क्यूरेट की गई यह ग्रुप एग्ज़िबिशन ‘जियोग्राफ़ीज़ ऑफ़ डिस्टेंस: रिमेंबरिंग होम’ बदलती दुनिया में “घर” की अवधारणा, स्मृतियों, दूरी और अपनेपन के भाव को समकालीन भारतीय कला के माध्यम से सामने रखती है।
केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भारत की इस वापसी को गर्व और सांस्कृतिक आत्मविश्वास का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह पवेलियन एक ऐसे समकालीन भारत को दर्शाएगा जो अपनी सभ्यतागत जड़ों से गहराई से जुड़ा है और साथ ही वैश्विक संदर्भ में पूरी तरह सक्रिय है।
संस्कृति मंत्रालय के सचिव श्री विवेक अग्रवाल के अनुसार, इंडिया पवेलियन में शामिल कलाकार भारत की बदलती वास्तविकताओं, यादों और स्थान के सवालों को इनोवेटिव तरीकों से सामने रखते हैं और वैश्विक मंच पर भारत की रचनात्मक आवाज़ को मज़बूत करते हैं।प्रोजेक्ट
NMACC की ओर से श्रीमती ईशा अंबानी ने कहा किपराओं का उत्सव है, जो कला के ज़रिए सीमाओं से परे संवाद को बढ़ावा देता है। यह समकालीन भारत की जटिलताओं, रचनात्मक महत्वाकांक्षाओं और शाश्वत परं
इस प्रदर्शनी में पाँच प्रमुख भारतीय कलाकार शामिल हैं—अलवर बालासुब्रमण्यम (बाला), सुमाक्षी सिंह, रंजनी शेट्टार, असीम वकीफ़ और स्कार्मा सोनम ताशी—जो पारंपरिक ऑर्गेनिक सामग्रियों और शिल्प परंपराओं के माध्यम से “घर” को एक भावनात्मक और पोर्टेबल अनुभव के रूप में प्रस्तुत करते हैं।
प्रदर्शनी के दौरान संगीत, परफॉर्मेंस, कविता और संवाद का एक विशेष क्यूरेटेड प्रोग्राम भी आयोजित किया जाएगा, जो वेनिस शहर की रोज़मर्रा की लय में कला को घुलने-मिलने का अवसर देगा।
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