थलीसैंण में पंचायत प्रतिनिधियों को दिया ग्रामीण विकास का मंत्र, आजीविका संवर्धन और पलायन रोकने पर जोर

Oct 16, 2026 - 12:18
Oct 31, 2026 - 11:48
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थलीसैंण में पंचायत प्रतिनिधियों को दिया ग्रामीण विकास का मंत्र, आजीविका संवर्धन और पलायन रोकने पर जोर
थलीसैंण में पंचायत प्रतिनिधियों को दिया ग्रामीण विकास का मंत्र, आजीविका संवर्धन और पलायन रोकने पर जोर

विकास संकल्प सेवा सेतु सम्मेलन–2026 में कृषि, बागवानी, स्वरोजगार और महिला सशक्तीकरण पर हुआ मंथन

थलीसैंण (पौड़ी गढ़वाल), 9 अक्टूबर 2026। ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की गति तेज करने, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने और पंचायत प्रतिनिधियों को विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सक्षम बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को विकासखंड परिसर, थलीसैंण में त्रिस्तरीय पंचायत जनप्रतिनिधि संवाद एवं विकास संकल्प सेवा सेतु सम्मेलन–2026 आयोजित किया गया। पंचायती राज विभाग, उत्तराखंड के सौजन्य से आयोजित इस एक दिवसीय विकासखंड स्तरीय क्षमता विकास एवं अभिमुखीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन रिपब्लिक फाउंडेशन सोसाइटी ने किया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उत्तराखंड सरकार के उच्च शिक्षा एवं सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत तथा विशिष्ट अतिथि थलीसैंण की ब्लॉक प्रमुख श्रीमती सरिता देवी उपस्थित रहीं। सम्मेलन में पंचायत प्रतिनिधियों को ग्रामीण विकास की योजनाओं, ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP), विभिन्न सरकारी योजनाओं के समन्वय और ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने के उपायों की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम के दौरान गरीबी मुक्त गांवों के निर्माण और आजीविका के स्थायी साधन विकसित करने पर विशेष चर्चा हुई। वक्ताओं एवं प्रशिक्षण सत्रों के माध्यम से कृषि, बागवानी, पशुपालन, मधुमक्खी पालन, जड़ी-बूटी उत्पादन और स्थानीय उत्पादों के प्रसंस्करण एवं विपणन की संभावनाओं को रेखांकित किया गया। मंडुवा और झंगोरा जैसे पारंपरिक अनाजों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ सेब, कीवी, ड्रैगन फ्रूट और एवोकाडो जैसी फसलों के जरिए किसानों की आय बढ़ाने के अवसरों पर भी ध्यान केंद्रित किया गया।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए होमस्टे और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने, स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग करने तथा उन्हें व्यापक बाजार उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। साथ ही, महिला स्वयं सहायता समूहों और युवाओं को सरकारी योजनाओं से जोड़कर स्वरोजगार एवं उद्यमिता के नए अवसर विकसित करने पर चर्चा की गई।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, लखपति दीदी योजना, मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना और REAP–ग्रामोत्थान परियोजना जैसी योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने की जानकारी साझा की गई। पंचायत प्रतिनिधियों को ग्राम सभा की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करते हुए स्थानीय जरूरतों के आधार पर विकास योजनाएं तैयार करने और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के महत्व से भी अवगत कराया गया।

सम्मेलन का प्रमुख उद्देश्य पंचायत प्रतिनिधियों की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं स्वरोजगार को प्रोत्साहित करना, महिलाओं और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना तथा पलायन की समस्या को कम करने के लिए स्थानीय संसाधनों पर आधारित विकास को बढ़ावा देना रहा।

आयोजकों के अनुसार, इस प्रकार के क्षमता विकास एवं अभिमुखीकरण कार्यक्रम ग्रामीण विकास की योजनाओं को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने और पंचायतों को विकास प्रक्रिया में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

आयोजक: रिपब्लिक फाउंडेशन सोसाइटी
सौजन्य: पंचायती राज विभाग, उत्तराखंड
स्थान: विकासखंड परिसर, थलीसैंण, पौड़ी गढ़वाल
दिनांक: 9 अक्टूबर 2026

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