देहरादून में जाम से निपटने की तैयारी तेज, पार्किंग और ट्रैफिक सिग्नल पर बनेगा नया प्लान
उपशीर्षक: मसूरी के बाद अब राजधानी की यातायात व्यवस्था पर फोकस, गृह सचिव शैलेश बगोली की निगरानी में तैयार हो रहा रोडमैप
देहरादून। राजधानी देहरादून में बढ़ते ट्रैफिक दबाव और आए दिन लगने वाले जाम से राहत दिलाने के लिए प्रशासन ने यातायात व्यवस्था को नए सिरे से सुधारने की तैयारी शुरू कर दी है। शहर में वाहनों की बढ़ती संख्या, सीमित पार्किंग और सड़क किनारे अतिक्रमण जैसी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए एक व्यापक रोडमैप तैयार किया जा रहा है। इस पूरी कवायद की निगरानी गृह सचिव शैलेश बगोली कर रहे हैं। प्रशासन का उद्देश्य शहर के उन इलाकों की पहचान करना है, जहां यातायात का दबाव सबसे अधिक रहता है। इसके आधार पर पार्किंग सुविधाओं से लेकर ट्रैफिक सिग्नल और सड़क प्रबंधन तक में जरूरी बदलावों की योजना बनाई जाएगी।
मसूरी के बाद अब देहरादून पर नजर
यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन ने पहले मसूरी में विभिन्न बिंदुओं पर काम किया है। वहां कुल 42 पार्किंग स्थलों को चिह्नित किया गया है। इसके साथ ही अतिक्रमण हटाने और जाम से प्रभावित क्षेत्रों में सुधार के प्रयास भी किए जा रहे हैं। मसूरी में तैयार किए गए यातायात प्रबंधन के खाके के बाद अब देहरादून की समस्याओं का आकलन किया जा रहा है। राजधानी में पर्यटन सीजन के अलावा सामान्य दिनों में भी बढ़ते वाहनों के दबाव को देखते हुए व्यवस्थित ट्रैफिक प्लान तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।
पार्किंग और ट्रैफिक लाइट्स में सुधार पर जोर
देहरादून के प्रस्तावित रोडमैप में नए पार्किंग स्थलों की तलाश के साथ प्रमुख जाम प्रभावित क्षेत्रों को चिह्नित किया जाएगा। इसके अलावा शहर में लगे ट्रैफिक सिग्नलों की स्थिति, उनके संचालन और आवश्यक सुधारों का भी आकलन होगा। प्रशासन की कोशिश है कि यातायात का दबाव कुछ चुनिंदा सड़कों पर केंद्रित न रहे और उपलब्ध सड़क नेटवर्क का बेहतर इस्तेमाल किया जा सके। इसके लिए पार्किंग प्रबंधन, ट्रैफिक सिग्नल और सड़क किनारे अतिक्रमण जैसी समस्याओं को एक साथ ध्यान में रखकर योजना बनाने की तैयारी है।
बढ़ते वाहनों ने बढ़ाई परेशानी
देहरादून में लगातार बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या के बीच मौजूदा यातायात व्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है। कई स्थानों पर पार्किंग की कमी और सड़कों पर वाहनों की अधिक आवाजाही से जाम की स्थिति बनती है। ऐसे में केवल ट्रैफिक पुलिस की तैनाती बढ़ाने के बजाय बुनियादी सुविधाओं और यातायात प्रबंधन में सुधार को जरूरी माना जा रहा है। जिलाधिकारी आशीष चौहान के अनुसार, मसूरी के बाद देहरादून के लिए भी यातायात सुधार की योजना तैयार की जा रही है। इसमें नए पार्किंग स्थल चिह्नित करने और ट्रैफिक लाइट्स की स्थिति का आकलन करने जैसे बिंदु शामिल हैं।
फिलहाल रोडमैप तैयार करने की प्रक्रिया जारी है। प्रस्तावित योजना का अंतिम स्वरूप सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि शहर के किन इलाकों में पहले बदलाव किए जाएंगे और जाम से राहत के लिए कौन से कदम प्राथमिकता के आधार पर उठाए जाएंगे।
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