अंकिता भंडारी हत्याकांड: VIP एंगल की जांच के बीच सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर ने दी नार्को टेस्ट की मंजूरी

Oct 24, 2026 - 10:40
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अंकिता भंडारी हत्याकांड: VIP एंगल की जांच के बीच सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर ने दी नार्को टेस्ट की मंजूरी
अंकिता भंडारी हत्याकांड: VIP एंगल की जांच के बीच सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर ने दी नार्को टेस्ट की मंजूरी

देहरादून। उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर जांच एक बार फिर चर्चा में है। पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर और अभिनेत्री उर्मिला सनावर ने नार्को-एनालिसिस टेस्ट कराने के लिए सहमति दे दी है। शुक्रवार को दोनों देहरादून में सीबीआई की अदालत में पेश हुए। अब इस मामले में अगली सुनवाई 26 अक्टूबर को निर्धारित की गई है।

जांच में सहयोग करने की बात कही

अदालत में पेशी के बाद सुरेश राठौर ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका और जांच एजेंसियों पर भरोसा है। उन्होंने जांच में पूरा सहयोग करने की बात भी कही। राठौर हरिद्वार के ज्वालापुर क्षेत्र से भाजपा विधायक रह चुके हैं, लेकिन फिलहाल पार्टी से निष्कासित हैं। दूसरी ओर, उर्मिला सनावर ने भी नार्को टेस्ट के लिए सहमति जताई। उन्होंने बताया कि वह मुंबई में रहती हैं और अंकिता मामले से जुड़ी जानकारियां उन्हें सुरेश राठौर के जरिए मिली थीं।

उर्मिला सनावर ने रखी खास शर्त

नार्को टेस्ट के लिए तैयार होने के साथ उर्मिला सनावर ने मांग की कि यह प्रक्रिया मीडिया के सामने कराई जाए, जिससे मामले से जुड़ी बातें सार्वजनिक हो सकें। इससे पहले सीबीआई दोनों से पूछताछ कर चुकी है। हालांकि, टेस्ट कराने की सहमति मिलने के बाद भी इसकी प्रक्रिया और कानूनी औपचारिकताएं पूरी होना जरूरी है।

वायरल ऑडियो ने फिर बढ़ाई हलचल

अंकिता भंडारी ऋषिकेश के पास स्थित वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थीं। 18 सितंबर 2022 को उनकी हत्या कर दी गई थी। इस मामले में रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों सौरभ भास्कर व अंकित गुप्ता को दोषी ठहराया गया और तीनों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। दिसंबर 2025 में सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर के बीच कथित बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद हत्याकांड में कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर नए सवाल उठने लगे। ऑडियो में किए गए दावों की पुष्टि जांच के जरिए होना बाकी है।

CBI जांच से खुलासे की उम्मीद

अंकिता के परिजनों की मांग और विभिन्न राजनीतिक-सामाजिक संगठनों के दबाव के बीच उत्तराखंड सरकार ने जनवरी 2026 में मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। अब दोनों की नार्को टेस्ट को लेकर सहमति के बाद जांच की दिशा पर निगाहें टिकी हैं। मामले की अगली सुनवाई 26 अक्टूबर को होगी, जिसमें आगे की कानूनी प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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