गैरसैंण विधानसभा सत्र आज से, अनुपूरक बजट होगा पेश; विपक्ष और ग्राम प्रधानों के प्रदर्शन पर नजर
उपशीर्षक: भराड़ीसैंण में दो दिवसीय सत्र के दौरान कांग्रेस बेरोजगारी, महंगाई और कानून-व्यवस्था के मुद्दे उठाने की तैयारी में, ग्राम प्रधान भी करेंगे विधानसभा घेराव
गैरसैंण, उत्तराखंड। उत्तराखंड विधानसभा का दो दिवसीय सत्र आज से ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में शुरू हो रहा है। सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी वित्तीय वर्ष 2026-27 की अनुपूरक अनुदान मांगें सदन में प्रस्तुत करेंगे। वहीं, विपक्ष की ओर से विभिन्न जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी है। ऐसे में सदन के भीतर राजनीतिक बहस और बाहर ग्राम प्रधानों के आंदोलन को लेकर प्रशासन सतर्क है।
अनुपूरक बजट और विधायी कार्यवाही पर रहेगा जोर
विधानसभा की निर्धारित कार्यसूची के अनुसार, सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे वंदे मातरम के साथ शुरू होगी। इसके बाद आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। दोपहर तीन बजे से वित्तीय और विधायी कार्यवाही प्रस्तावित है। सरकार अनुपूरक बजट के माध्यम से चालू वित्तीय वर्ष में निर्धारित बजट से अतिरिक्त जरूरी खर्चों के लिए सदन की मंजूरी मांगेगी। हालांकि, अनुपूरक बजट की कुल राशि का विवरण कार्यसूची में नहीं दिया गया है। सत्र के दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित विधेयकों, अध्यादेशों और रिपोर्टों को भी सदन के पटल पर रखा जाएगा। इनमें सिंचाई जल निकासी विधेयक, राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन संशोधन विधेयक और निवेश व आधारभूत संरचना से जुड़े विधायी प्रस्ताव शामिल हैं। इसके अलावा अल्पसंख्यक शिक्षा, अग्निशमन एवं आपात सेवाओं, जीएसटी और निजी विश्वविद्यालयों से संबंधित विधेयकों पर भी कार्यवाही प्रस्तावित है। छठे राज्य वित्त आयोग की रिपोर्ट और उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग की वर्ष 2019-22 की वार्षिक एवं विशेष रिपोर्ट पर सरकार की कार्रवाई से जुड़ा प्रतिवेदन भी सदन में प्रस्तुत किया जाएगा। इन दस्तावेजों के माध्यम से विभिन्न संस्थाओं के कामकाज और सरकार की कार्रवाई से संबंधित जानकारी विधायकों के सामने आएगी।
कांग्रेस इन मुद्दों पर सरकार से मांगेगी जवाब
विधानसभा सत्र को लेकर विपक्ष ने भी अपनी रणनीति तैयार की है। कांग्रेस बेरोजगारी, महंगाई और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सरकार को घेर सकती है। इसके साथ ही जोशीमठ आपदा और प्रदेश से जुड़े अन्य विषयों को भी सदन में उठाए जाने की संभावना है। वर्ष 2027 में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव से पहले हो रहे इस सत्र को राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार की ओर से विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के लिए अतिरिक्त बजट का प्रावधान किए जाने पर नजर रहेगी। वहीं, विपक्ष सरकारी फैसलों और लंबित मुद्दों पर जवाब मांग सकता है।
ग्राम प्रधानों के विधानसभा घेराव से बढ़ी हलचल
सत्र के पहले दिन ग्राम प्रधानों का प्रस्तावित प्रदर्शन भी प्रशासन के लिए अहम चुनौती रहेगा। प्रदेश प्रधान संगठन उत्तराखंड ने ग्राम पंचायतों के अधिकारों में कटौती और लंबे समय से लंबित मांगों के विरोध में भराड़ीसैंण विधानसभा घेराव का कार्यक्रम रखा है। संगठन को प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में ग्राम प्रधानों के पहुंचने की उम्मीद है। प्रधान संगठन का कहना है कि उनकी 10 सूत्रीय मांगों पर अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। इससे पहले देहरादून में सचिवालय कूच के दौरान मांगों पर सकारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन संगठन के मुताबिक कई मामले अब भी शासन स्तर पर लंबित हैं। इसी को लेकर ग्राम प्रधानों में नाराजगी बनी हुई है।
प्रस्तावित आंदोलन और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए प्रशासन ने भराड़ीसैंण क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत धारा 163 लागू की है। ऐसे में विधानसभा परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कुल मिलाकर, गैरसैंण में शुरू हो रहे इस सत्र में एक ओर अनुपूरक बजट और विधायी प्रस्तावों पर चर्चा होगी, तो दूसरी ओर विपक्ष के सवालों और ग्राम प्रधानों के प्रदर्शन के चलते राजनीतिक गतिविधियां भी तेज रहने की संभावना है।
What's Your Reaction?